Wednesday, September 20, 2023


ऐ खुदा


ऐ खुदा आज मेरी तक़दीर बदल दे,

बर्षो से जकड़ा हुआ हूँ ,इस जंजीर में

वो आज जंजीर बदल दे।


वह रुखसत हो गई, युहीं बिन कुछ कहे,

अब आज को आखिरी दिन बदल दे,


ऐ खुदा आज मेरी तक़दीर बदल दे।


ना मांगी कुछ, न दिया तूने मुझे कुछ

अब ये हालात बदल दे,

सवाल अभी भी वही है, बस

तू अब जवाब बदल दे


ऐ खुदा आज मेरी तक़दीर बदल दे।


जब भी गुजरा तेरी राहों से,

हर बार देखी, हाथ की रेखाओं को,

अब वो रेखा, वो लकीर बदल दे।


ऐ खुदा आज मेरी तक़दीर बदल दे।

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