तू खुदा है मेरी
तू दुआ है मेरी, तू खुदा है मेरी।
हूँ वर्षों से प्यासा, तू घटा है मेरी।
तू आज ऐसे बरस, कि मुझे भीगों दे पूरी।
तू दुआ है मेरी, तू खुदा है मेरी।
हूँ वर्षों से प्यासा, तू घटा है मेरी।
हर इंताजर की इन्तहां हो गई,
यूँ चलते गए हम, कि राहें खो गई।
क्यों समझती नही है तू...
मैं मंजिल हूँ तेरा, तू सफर है मेरी
तू दुआ है मेरी, तू खुदा है मेरी।.
हूँ वर्षों से प्यासा, तू घटा है मेरी।
मैं यहां वहां भटका हर एक बाग में...
तूझे ढूंढा तलाशा, हर पेड़, हर साख पे
क्यों समझती नही है तू...
मैं हूँ तेरा भाँवरां, तू कली है मेरी।
तू दुआ है मेरी, तू खुदा है मेरी।
हूँ वर्षों से प्यासा, तू घटा है मेरी।
हमने छोड़ा अपना घर,
आया तेरे शहर।
ना अब ठिकाना है कोई …
क्यों समझती नही है तू...
मैं हूँ तेरा घर, तू ठिकाना है मेरी।
तू दुआ है मेरी, तू खुदा है मेरी।
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