Wednesday, September 20, 2023

कुछ हसरत थी मेरी कभी


 कुछ हसरत थी मेरी कभी, कुछ ख्वाहिश थी मेरी कभी।

कुछ सपने थे मेरे कभी, कुछ लोग थे मेरे अपने कभी।


कुछ दरिया थे मेरे कभी, कुछ साहिल थे मेरे कभी।

कुछ बादल थे मेरे कभी, कुछ बारिश थे मेरे कभी।


कुछ वक्त थे मेरे कभी, कुछ पल थे मेरे कभी।

कुछ खुशी थी मेरी कभी, कुछ गम थे मेरे कभी।


कुछ दिन थे मेरे कभी, कुछ चैन थे मेरे कभी।

कुछ रात थे मेरे कभी, कुछ एहसास थे मेरे कभी।


तुम थे मेरे कभी, मैं था तेरा कभी।

मैं पास था तेरे कभी, तुम पास थे मेरे कभी।


बस तेरी याद है अभी, तन्हाई मेरे साथ है अभी।

ना तुम लौट सकती कभी, ना मैं ढूंढ सकता कभी।


कुछ हसरत थी मेरी कभी, कुछ ख्वाहिश थी मेरी कभी।

कुछ सपने थे मेरे कभी, कुछ लोग थे मेरे अपने कभी।

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